New Delhi, 30 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi की जापान यात्रा कई मायनों में खास रही. जापान से उनका संबंध आज से नहीं है, बल्कि जब वह गुजरात के Chief Minister थे, तब भी उन्होंने जापान की यात्रा की थी, जो अब एक मजबूत साझेदारी की मिसाल बन चुकी है.
पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान जापान के नेतृत्व के साथ रिश्तों को मजबूत किया और विकास के कई अहम विचारों को आत्मसात किया, इसके साथ ही भारत में निवेश को भी प्रोत्साहित किया.
social media प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘मोदी स्टोरी’ नामक अकाउंट से एक पोस्ट शेयर किया गया. इसमें उद्योगपति बाबा कल्यानी एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हैं, जो उस दौरे में हुआ था. पीएम मोदी ने भारतीय उद्योगपतियों के एक दल का नेतृत्व करते हुए 300 से ज्यादा जापानी व्यापारिक प्रमुखों से मुलाकात की.
कल्यानी के अनुसार, उन्होंने जापानी व्यापारियों में विश्वास जगाने के लिए भारतीय दल को एकजुट होकर खड़े होने और एक साथ जापानी व्यापारियों को भारत में निवेश करने का निमंत्रण देने का आग्रह किया.
उन्होंने कहा, “तब सीएम रहे Narendra Modi ने यह समझा कि जापानी संस्कृति में सामूहिक प्रयास को बहुत महत्व दिया जाता है. जब जापानी व्यापारियों ने भारतीय दल को एकजुट देखा, तो यह एक शक्तिशाली संदेश गया.”
यह घटना पीएम मोदी की सांस्कृतिक संवेदनशीलता और वैश्विक मंच पर भारत के हितों को बढ़ावा देने की उनकी सक्रिय दृष्टि का एक और उदाहरण है.
पीएम मोदी आज भी विभिन्न देशों की संस्कृति को गहराई से समझते हैं. वे जिस देश की यात्रा पर जाते हैं, वहां की संस्कृति में रंगे हुए नजर आते हैं.
फिलहाल, पीएम मोदी ने अपनी जापान की यात्रा पूरी कर ली है. वे जापान में विभिन्न बैठकों में शामिल हुए. उनकी यात्रा के दौरान भारत और जापान के बीच कई क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर बात बनी है, जैसे आने वाले पांच वर्षों में पांच लाख कारीगर दोनों देशों में रोजगार करने के लिए जाएंगे.
इसके साथ ही, चंद्रयान-5 अभियान में भारत और जापान साथ मिलकर इसे अंजाम देंगे और अंतरिक्ष की दुनिया में नई बुलंदियों को हासिल करेंगे.
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डीएससी/एबीएम
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